पहली बार फ्लाइट में यात्रा कैसे करें?। hawai jahaj me kaise yatra karte hain

आज के दुनिया में हर व्यक्ति का एक हि सपना होती है कि वो यह कि कम से कम एक बार हवाई यात्रा करें । लेकिन आजकल फ्लाइट्स टिकटों की घटती कीमत और कई डोमेस्टिक विमान कंपनियों की सेवा के चलते लोगों का ये ख्वाब पूरा हो रहा है ।

और अगर आप भी पहली बार हवाई यात्रा करना चाहते है , तो इन 10 बातों का जरूर ध्यान रखना होगा । (पहली बार प्लेन में कर रहे हैं सफर, तो इन 10 बातों को न करें नजरअंदाज)

 

पहला :- हवाई जहाज़ यात्रा करने के लिए सबसे पहले यात्री को फ्लाइट के डिपार्चर समय से दो घंटे तीस मिनट पहले एयरपोर्ट पहुंचना होता है और इस दौरान अपने साथ टिकट की फोटोकॉपी रखना बहुत जरूरी होती है या आप टिकट को ईमेल के जरिए भी आसानी से दिखा सकते हैं। हालांकि प्लेन में मोबाइल टिकट मान्य नही होती है।

दुसरा:- और हवाई जहाज़ यात्रियों के पास उसका आपना सरकारी Document यानी कि आइडेंटिटी से संबंधित सभी दस्तावेज रखने चाहिए। जैसे कि — आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, बैंक पासबुक आदि। कुछ भी कम से कम एक होना चाहिए इसके अलावा यदि यात्री अपने साथ किसी बच्चे के साथ हवाई जहाज़ सफर करने वाला होता है, तो उसे बच्चे का कम से कम बर्थ सर्टििफकेट की भी फोटोकॉपी रखना होती है ।

तीसरा :- बहुत जरूरी बात हवाई यात्रा में ध्यान देने वाली बातें यह भी है कि आप अपने बैग में कोई संदिग्ध वस्तु बिल्कुल ना रखें। जैसे कि — कोई नुकीली चीज, हथियार, लाइटर, ब्लेड, जहरीली वस्तु, रेडियोएक्टिव और एक्सप्लोसिव आइटम्स। और साथ ही सुरक्षा नियमों के तहत यात्री एक ही केबिन बैग प्लेन के अंदर ही ले जा सकता है। जबकि उससे ज्यादा बैंग होने पर उसे काउंटर पर जमा करानी होती है ।

चौथा:- आपको हवाई जहाज़ में बैठने से पहले आपको सिक्योरिटी प्रक्रिया से भी गुजरना होती है । इसके तहत आपको अपनी एयरलाइंस के काउंटर में जाकर बैग स्कैनर में रखना होती है और जबकि सिक्यूरिटी मैन आपकी पूरी चेकिंग करेगा। चेकिंग के बाद बैग पर एक टैग लगाकर उसे आगे सेक्शन में भेज दिया जाता है । फिर इसके बाद आपका बैग आपको आपके गंतव्य पर लैंड होते ही दे दिया जाएगा। यानी कि आपके हेड बैंग है तो आप अपने पास रख सकते हैं लेकिन उस बैंग का वजन लगभग 5Kg होना चाहिए ।

पांचवां :- एक बहुत महत्वपूर्ण बात यह है कि चेकिंग के वक्त आपको अपना बोर्डिंग पास दिखाना होती है । एयरलाइंस के कर्मचारी इसे वैरिफाई करके इसमें मोहर लगाएंगे और आपको वापस दे देंगे। और इसके बाद मेन प्रेवश गेट पर आपको ये पास दोबारा दिखाना होगा। यहां आपको आपकी सीट की डिटेल्स दी जाएगी। (बोर्डिंग पास में आपको नाम , हवाई जहाज़ नंबर , गेट नंबर और शीट नंबर होती है)

छठा :- तब आपको टर्मिनल के गेट से अंदर जाना होती है। कभी—कभी तो टर्मिनल आधे घंटे पहले ही खोल दिया जाता है। प्लेन के दूर होने पर एयरलाइंस की पर्सनल गाडी आपको रिसीव करने आती है। यहां से आप प्लेन के अंदर जाएंगे। वहां पर आपको जरूरी कुछ जानकारियां दी जाती है ।

सातवां :- हवाई जहाज़ के टेक आफ होने से पहले आपको सीट बेल्ट बांधनी होती है और कुछ लोगों को टेक आफ के समय कान में हल्की झनझनाहट भी होती है । इससे बचने के लिए वे ईयर बड्स आपने कान में लगा सकते हैं। य आप इयर होस्ट से मंदद ले सकते हैं ।

आठवां :- हवाई जहाज़ जब लैंड होते ही आप सीट बेल्ट खोल सकते हैं । अब टर्मिनल पर पहुंचकर डिस्प्ले में अपनी फ्लाइट डिटेल देखने के बाद आपको मूविंग बेल्ट की ओर जाना होता है और इसके बाद आपका हेड बैग के अलावा और कोई बैंग है तो आप वहां अपने बैग का स्टिकर देखकर उसे ले सकते हैं। इस प्रक्रिया पुरा करने में करीब आधे घंटे का समय भी लग सकता है।

नवा:- और हवाई जहाज़ यात्राएं के समय अपनी पर्सनल चीजें भी कैरी करना बिल्कुल ना भूलें। जैसे कि ख़ासतौर पर यदि आप किसी भी बीमारी से ग्रस्त हैं और नियमित दवाई लेते हैं तो अपने हैंड बैंग में कुछ जरूरी दवाइयां अवश्य रख लें। इसके अलावा आप लाइट स्नैक्स भी रख सकते हो ।

दसवां :- कई फ्लाइट्स में आपको खाना व अन्य विलासिता की चीजों का उपभोग करने के लिए पेमेंट क्रेडिट कार्ड से भी दे सकते है या फिर आप केश भी दे सकते हैं लेकिन हवाई जहाज़ आप खाना खाने चहाते है तो एक बात को जरूर ध्यान दें उसमें आपको बहुत ज्यादा पैसा चार्ज लेते हैं ।

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